ग्वालियर। शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर के शासकीय अस्पताल के स्टोर में भारी मात्रा में टैबलेट, इंजेक्शन और सीरप एक्सपायरी डेट के मिले हैं। औचक निरीक्षण करने पहुंचीं एसडीएम पुष्पा पुषाम, तहसीलदार प्रतिज्ञा शर्मा और उनकी टीम यह देख हैरत में पड़ गई। अगर यह किसी मरीज या प्रसूता को खिला दी जातीं तो जान का खतरा हो सकता था। उन्होंने यह दवाएं नष्ट करने के लिए हॉस्पिटल के कंपाउंडर बीएस यादव की सुपुर्दगी में रखवाई हैं। इन्हें नष्ट करने के लिए चिकित्सा विभाग के नियमों के अनुसार समिति निर्णय करेगी।
अस्पताल में नहीं थी सफाई
अस्पताल में हर तरफ गंदगी दिखी। नए बने कमरों में भी सफाई नहीं थी। प्रसूति कक्ष, स्टोर और आंगन भी गंदे थे। इस पर एसडीएम ने पूरे परिसर को स्वच्छ रखने को कहा।
ये दवाएं मिलीं एक्सपायरी
-मई में एक्सपायर हुए आॢटसुनेट इंजेक्शन के 10 पैकेट।
-फरवरी में एक्सपायर हुई ऑर्निडाजोल टैबलेट के 48 पैकेट।
-जून में एक्सपायर हुई मेट्रोनिडाजोल टैबलेट के 120 पत्ते।
-मई में एक्सपायर हुई ऑक्सकार्बाजपाइन टैबलेट के 4 पैकेट।
-मई में एक्सपायर हुई आयरन विद फोलिक एसिड सीरप की 70 शीशी।
-अप्रेल में एक्सपायर हुई फ्लोक्स ओजेड सीरप के 60 पैकेट।
-अगस्त में एक्सपायर हुए आशा निरोध के 28 पैकेट।
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राहुल... सडक़ पर घायल पड़ी वृद्धा को मंत्री तोमर ने जेएएच ले जाकर भर्ती कराया
-बेटी को 10 हजार की आर्थिक सहायता भी दी
फोटो हैं...सिटी कंटेंट लाइव में ...
ग्वालियर। पेड़ की डाली गिरने से घायल सडक़ पर बेहोश पड़ी वृद्धा को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी कार से जेएएच लेकर पहुंचे और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। बाद में अस्पताल पहुंची उसकी बेटी को उपचार के लिए 10 हजार रुपए नकद भी दिए।
शुक्रवार दोपहर लगभग 1.30 बजे मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे, उनका काफिला कांच मिल पाताली हनुमान मंदिर के पास पहुंचा तो वहां उन्होंने देखा कि एक महिला सडक़ के किनारे बेहोश पड़ी है और कुछ लोग उसके आसपास खड़े हैं। उन्होंने काफिला रुकवाकर पता किया तो मालूम चला कि कलावती जाटव के ऊपर पेड़ की डाल टूटकर गिर पड़ी थी, जिससे वह घायल हो गई। राहगीरों ने उसे उठाकर सडक़ के किनारे किया और 108 एंबुलेंस को फोन लगा रहे थे। मंत्री तत्काल उसे अपनी कार से जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले गए। रास्ते में उन्होंने जेएएच के अधीक्षक डॉ.अशोक मिश्रा को भी फोन कर दिया था, जिससे वे भी अस्पताल पहुंच गए। उपचार प्रारंभ होने के बाद महिला की बेटी भी आ गई। दरअसल, महिला अपनी बेटी से मिलने के लिए ही जा रही थी।
महिला गंभीर चोट नहीं
अस्पताल अधीक्षक डॉ.अशोक मिश्रा ने बताया कि महिला की जांच में उसे कोई गंभीर चोटें नहीं है। महिला की स्थिति अब ठीक है, अभी निगरानी में रखा गया है।
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