सडक़ लील गई 180 दिन में 157 लोगों को - Silver Screen

सडक़ लील गई 180 दिन में 157 लोगों को

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ग्वालियर. तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले वाहनों के कारण सडक़ दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। शहर और देहात के कई इलाके इसके लिए कुख्यात हो चुके हैं। पुलिस ने भी इन्हें ब्लैक स्पॉट माना है, लेकिन हादसे पर नियंत्रण के लिए ठोस एक्शन प्लान नहीं है। पिछले 6 महीने में पुलिस रेकॉर्ड में 1094 हादसे दर्ज हुए हैं। इनमें 157 लोगों की जान गई है और 827 जख्मी हुए हैं। आधी से ज्यादा घटनाओं में तेज स्पीड कारण रही है, जबकि कुछ में चालक नशे में होने से गाड़ी पर कंट्रोल नहीं कर पाए हैं। इन हादसों की विवेचना करने वाले कहते हैं कि ज्यादातर दुर्घटनाओं में दो पहिया वाहन चालक शिकार हुए हैं। इनमें कई की जान बच भी सकती थी, अगर हेलमेट लगाए होते। यातायात को सुधारने के लिए पुलिस वाहन चालकों को सलीके से ड्राइविंग के गुर सिखाने का दावा लगातार करती है, फिर भी हादसे नहीं रुक रहे हैं।

हर मुख्य सडक़, चौराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिस तैनात है, सीसीटीवी कैमरे से राउंड द क्लॉक निगरानी हो रही है, इसके बावजूद रफ ड्राइविंग और यातायात के नियमों का उल्लंघन कर लोग बेकसूर लोगों की जान ले रहे हैं। देहात में हादसों की गिनती चौंकाने वाली है। पुलिस के मुताबिक देहात में ज्यादातर हादसे हाइवे पर हुए हैं। इनमें करीब 298 केस में तेज रफ्तार कारण रही है।


किसी की भूल, दूसरे का परिवार उजड़ा
4 सितंबर को दोपहर सोनेराम का पुरा से तिघरा बांध मोरछठ के मेले में परिवार के साथ जा रही प्रियंका गुर्जर (13) को स्कॉर्पियो (एमपी 07 बीए 812) के चालक संजय पुत्र प्रेम सिंह कुशवाह निवासी ताल का पुरा ने कुचल दिया। कार और सडक़ किनारे रखे सीमेंट के पाइप के बीच में आने से प्रियंका के शव के पांच टुकड़े हो गए। तिघरा थाना प्रभारी दिनेश राजपूत के मुताबिक संजय शराब के नशे में तेज स्पीड में कार चला रहा था, उसे गैरइरादतन हत्या का दोषी माना है। प्रियंका के परिवार का कहना है कि संजय की गलती ने उनकी खुशियां उजाड़ दी हैं। प्रियंका घर में सबकी लाड़ली थी।

-1 सितंबर को पनिहार नयागांव और बेला की बावड़ी के बीच एबी रोड पर काशीराम बंजारा, उनकी पत्नी और नाती को ट्रक (यूपी 75 टी 2010) ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक चालक बाइक को ओवरटेक करने की कोशिश में था, इसमें काशीराम की मौत हो गई और उनकी पत्नी, नाती जख्मी हुए थे। काशीराम भी बिना हेलमेट बाइक चला रहे थे।
-29 अगस्त को जनकगंज डिस्पेंसरी के पास नगर निगमकर्मी शिवम राणा (29) को स्कूल बस (एमपी 06 पी 0368) ने सामने से टक्कर मारी। शिवम दोस्त के साथ स्कूटर पर थे, वह सिर के बल जमीन पर गिरे और मौके पर ही मौत हो गई। स्पॉट पर लगे सीसीटीवी में बस तेज स्पीड में दिखी है और शिवम भी बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते दिखे हैं। शिवम के परिजन का कहना है कि बस चालक की जल्दबाजी ने उनका घर बर्बाद कर दिया। शिवम से बहुत उम्मीद थीं। वह भी हेलमेट लगाए होता तो हादसा गंभीर नहीं होता।
शहर, देहात के ब्लैक स्पॉट
रायरू फार्म, ऋतुराज चौराहा, सागरताल चौराहा, बेटी बचाओ चौराहा, पुलिस चौकी गोल पहाडिय़ा, बेला की बावड़ी, कोलार घाट, सिमरिया मोड़, सिमरिया टेकरी, जौरासी घाटी, गोला का मंदिर चौराहा, लोहागढ़ पहाडिय़ा हादसों के लिए कुख्यात हैं। इनके अलावा शहर के अंदर की उन सडक़ों पर भी जान जाने की घटनाएं सामने आती हैं, जहां यातायात सुधारने के लिए पुलिस कवायद करने की दलील देती है।
गैर पेशेवर ड्राइवर हादसों की जड़
सडक़ हादसों में नशे में ड्राइविंग, ओवरटेकिंग, तेज स्पीड तो कारण रहते हैं, इसके अलावा ज्यादातर घटनाएं भारी वाहन डंपर, ट्रक की चपेट में लोगों के आने से होती हैं। डंपर और ट्रक ऑपरेटर्स मजदूर और क्लीनर स्तर के लोगों को चालक बना देते हैं, क्योंकि वह सस्ते में मिलते हैं, जबकि पेशेवर ड्राइवर को मोटी पगार देनी पड़ती है। अनट्रेंड चालक हर परिस्थिति में कंट्रोल नहीं कर पाते।

आरएन त्रिपाठी, यातायात डीएसपी ग्वालियर



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