महंगाई कम होने से लेकर टैक्स स्लैब तक में बदलाव, पढ़ें बजट को लेकर क्या है शहरवासियों की उम्मीद - Silver Screen

महंगाई कम होने से लेकर टैक्स स्लैब तक में बदलाव, पढ़ें बजट को लेकर क्या है शहरवासियों की उम्मीद

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ग्वालियर। मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट बुधवार को कमलनाथ की सरकार का पहल बजट पेश करेंगे। वित्त मंत्री से शहर के लोगों को काफी उम्मीदें हैं।उनका कहना है कि यकीनन हमारे किचन की महंगाई कम होने से लेकर इनकम टैक्स स्लैब तक में बदलाव होगा। पत्रिका ने बजट पेश होने से पहले शहर की समाजसेवी,शिक्षाविद,सीए,डॉक्टर, एंटरप्रेन्योर से बात कर उनकी राय जानी,जिस पर उनका कहना था कि कांग्रेस की 15 साल बाद सरकार में वापसी हुई है। ऐसे में प्रदेश के वित्त मंत्री ऐसे बजट को पेश करेंगे। जिससे हर एक वर्ग को लाभ मिलेगा। तो आइए बजट को लेकर क्या कहते है शहर के लोग।

 

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यह है उम्मीद

शहर को तीन सालों में मिले दो ऐसे पड़े प्रोजेक्ट हैं जो किसी न किसी कारण से अभी तक लटके हुए हैं। सबसे अहम और बड़ा प्रोजेक्ट औद्योगिक इकाई का है, जो अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो पाई है कि इसे कहां बनाया जाएगा। दूसरा अमृत सिटी योजना, जिसमें पेयजल पर काम होना था और दो बड़े पार्क बनाए जाने थे। इस योजना में भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।


औद्योगिक इकाई : तीन साल पूर्व शहर में औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने की योजना तैयार की गई थी। डेढ़ साल पूर्व प्रोजेक्ट के लिए दो स्थानों पर जमीन आवंटित की गई थी, जिसमें सिमरिया टेकरी और मगरौरा शामिल है। छह माह पूर्व भोपाल से टीम जमीन को देखने आई थी। स्थानीय प्रशासन ने पहले सिमरिया टेकरी पर जमीन दिखाई, लेकिन इस जमीन पर पहुंचने के लिए एप्रोच रोड मात्र 15 फीट की थी, जिसके चलते इस जमीन को टीम ने रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद टीम को मगरौरा में जमीन का मुआयना कराया गया, लेकिन यहां भरके (बीहड़) होने के कारण टीम ने इस जमीन पर सहमति नहीं दी। अब तक प्रोजेक्ट लटका हुआ है। इस औद्योगिक इकाई में एक हजार करोड़ का इनवेस्ट होना था। हरियाणा, पंजाब और नोएडा के उद्योगपतियों ने एएमओ पर साइन कर यहां गेहूं, धान, शक्कर और पत्थर उद्योग लगाने की रुचि दिखाई थी।

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अमृत सिटी योजना : शहर की पेयजल सप्लाई और बेहतर बनाने के लिए अमृत सिटी योजना के तहत 44 करोड़ 61 लाख रुपए की राशि से पेयजल प्रोजेक्ट की सौगात नगर पालिका को मिली। स्वीकृत प्रस्ताव के काम का वर्क ऑडर मिले भी तीन माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक एक प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पाया है, जिससे जुड़े वार्डों में नल सुविधा नहीं होने से वहां पानी संकट है, जबकि इस प्रस्ताव को पास हुए तीन साल से अधिक समय हो गया था, लेकिनडीपीआर बनाने में लेटलतीफी के चलते लंबा समय खिंच गया।


ये होना है काम

इस योजना के तहत जो क्षेत्र जल आवर्धन योजना में छूट गए हैं उन क्षेत्रों में सर्वे के मुताबिक करीब 240 किमी क्षेत्रफल में पाइप लाइन बिछाई जानी है, जिसमें नगर के मुख्य मार्ग का 12 किमी का क्षेत्रफल भी शामिल है जहां नई मुख्य पाइप लाइन डाली जाएगी। पानी स्टोर के लिए आठ जगह ट्रंचिंग ग्राउंड, विवेकानंद कॉलोनी, खेरी नटवा, बरोठा, कंचनपुर-मगरोरा, हरिपुर, चांदपुर और डबरा गांव में अलग-अलग स्थानों पर ओवरहेड टैंक बनाए जाने हैं। सिंध नदी पर अतिरिक्त एक और इंटववेल बनाया जाना है।


पार्क बनाने की योजना : अमृत सिटी योजना से नगर में दो पार्क निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव दो साल पहले स्वीकृत हुआ था जिसके तहत जवाहरगंज मुक्तिधाम एवं ट्रेङ्क्षचग ग्राउंड में पार्क 35 और 37 लाख रुपए से बनाने का दो साल पहले वर्कऑर्डर भी जारी किया जा चुका है, लेकिन काम ठेकेदार द्वारा शुरू नहीं किए जाने से ठेका निरस्त कर दिया गया। दोबारा टेंडर नहीं निकाला गया, जिसके कारण यह योजना लटकी हुई है।

 

यह बोले शहरवासी

रजनी शर्मा ने बताया कि किचन की महंगाई कम होने के साथ टैक्स स्लैब में परिवर्तन किया जाए। टैक्स रेट कम की जाए। क्योंकि नौकरी पेशा लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। क्योंकि इस वर्ग में सबसे ज्यादा वही आते हैं।

मिसेज यूनिवर्स फेमस मीनाक्षी माथुर ने बताया कि परिवार की फाइनेंसर महिला होती है, जो कि पूरे घर को अच्छे से चलाती है। मुझे यकीन है कि वित्त मंत्री बजट में प्रदेश के लोगों का पूरा ध्यान रखेंगे और इसका फायदा हम सभी को भी मिलेगा।

प्रिंसिपल वंदना शर्मा ने बताया कि महंगाई के कारण किचन का बजट बिगड़ा हुआ है। गैस सिलेंडर के लिए पहले अधिक पैसे लेना और फिर सब्सिडी एकाउंट में आना। इस फॉर्मूले को खत्म किया जाना चाहिए, जिससे हम पर लोड कम होगा। इसके साथ ही रोजमर्रा की चीजों पर लगातार बढ़ रहे रेट कम होने चाहिए।

एंटरप्रेन्योर ईला बहल ने बताया कि आज समय एंटरप्रेन्योरशिप का है। वित्त मंत्री द्वारा आज दिए जाने वाले बजट में वुमन एंटरप्रेन्योर के लिए खास तोहफे होने चाहिए, जिससे महिलाएं सशक्त हो सकेंगी। महिलाओं को घर से बाहर निकालने और एक सशक्त समाज का निर्माण करने के लिए यह अहम कदम होगा।

फैशन डिजाइनर आंचल बंसल ने बताया कि इस बजट में हाउसवाइफ को आगे बढ़ाने के लिए कुछ ऑप्शन होने चाहिए, जिससे वे घर पर ही कंफर्ट जोन में रहकर रन कर सकें। उन्हें आसानी से लोन मिल सके, जिससे उनकी प्लानिंग फेल न हो और उस पर लगने वाले ब्याज का स्लैब काफी रखा जाए।

शिक्षाविद ममता गोयल ने बताया कि किचन के बाद सबसे अधिक बजट बच्चों की एजुकेशन से बिगड़ रहा है। इस बजट में कुछ ऐसी पॉलिसी लाई जाएं, जिससे गवर्नमेंट स्कूल की दशा सुधर सके। वहां की एजुकेशन क्वालिटी इम्प्रूव हो। इससे महिलाओं का बजट बन सकेगा।

 



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