NEWS - Silver Screen

जकार्ता। इंडोनेशियाई बजट एयरलाइन लॉयन द्वारा संचालित नई पीढ़ी का बोइंग जेट सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सोमवार को पूरे दिन समुद्र में विमान के अवशेषों की खोज की गई। बचाव दल को जावा सागर से दुर्घटनाग्रस्त विमान पर सवार यात्रियों के मानव अवशेष, विमान के टुकड़े और लोगों के निजी सामान मिल रहे हैं। उधर जिन लोगों के प्रियजन इस विमान दुर्घटना में मारे गए हैं, वो पूरे दिन हवाई अड्डे पर अधिकारियों के साथ जूझते रहे। वे अधिकारियों द्वारा हवाई अड्डे पर स्थापित संकट केंद्रों में इकट्ठे होकर किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। बचे हुए अवशेषों की स्थिति का हवाला देते हुए एक शीर्ष खोज अधिकारी ने कहा है कि दुर्घटना में किसी के जीवित बचने की कोई आशा नहीं है।

विमानन उद्योग के लिए काला दिन

यह आपदा इंडोनेशिया के एयरलाइन उद्योग के लिए एक झटका है। बता दें कि हाल में ही इंडोनेशिया यूरोपीय संघ और अमरीका द्वारा लगाए गए एयर सेफ्टी रिस्क्स पर लंबे प्रतिबंधों से उबरा है। राष्ट्रपति जोको विदोडो ने हादसे की जांच का आदेश दिया और इंडोनेशियाई लोगों से प्रार्थना करने के लिए आग्रह किया है । बोइंग 737 मैक्स 8 का दुर्घटना इस साल इंडोनेशिया में आई कई त्रासदियों की श्रृंखला में नवीनतम है। भूकंप और सुनामी से इस देश में पहले ही कई हजार लोगों की मौत हो गई थी।

मिल रहे लोगों के अंग

हवाई परिवहन अधिकारी नोवी रियांटो ने कहा कि मलबे की तलाश का काम अब भी जारी है। सैनिकों, पुलिस और मछुआरों समेत 300 से अधिक लोग गंभीर खोज अभियान में शामिल हैं। विमान के टूटे-फूटे मलबे और कई व्यक्तिगत सामान जैसे टूटे सेलफोन, आईडी कार्ड और कुछ बैग बरामद हुए हैं। सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद स्युगी ने कहा कि टीम को मानव अंगों के कुछ टुकड़े भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि विडंन का मलबा पानी के नीचे 25 से 30 मीटर की गहराई पर हो सकता है। विमान के बालक बॉक्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अभियान में तीन विशेष खोज जहाजों की मदद ली जा रही है।

उड़ान भरते ही विमान में आई समस्या

प्राथमिक जांच में पाया गया है कि लॉयन एयर विमान जेटी-610 में उड़ान भरते ही समस्या आई थी। बोइंग 737 मैक्स 8 का यह विमान बिल्कुल नया था। फ्लाइट रडार 24 के डेटा के अनुसार विमान के उड़ान भरने के करीब दो मिनट के भीतर ही उसमें खराबी के संकेत मिलने लगे थे। विमान में खराबी के संकेत मिलने तक दो हजार फीट पर पहुंच गया था। विमान पांच हजार फीट चढ़ने से पहले 2 बार लुढ़क गया था। कंट्रोल टावर के साथ संबंध टूटने से पहले विमान 345 नॉट्स की गति हासिल कर चुका था। जब विमान का संपर्क टूटा तो वह 3,650 फीट पर था। 188 लोगों को ले जा रहे विमान के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले इसकी कुल उड़ान 13 मिनट की थी। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक विमान अगस्त से परिचालन में था और पूरी तरह उड़ान भरने लायक था।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2RltyqU

No comments: