कर्जदारों से परेशान कर्मचारी दौड़ लगाकर आया और ट्रेन के सामने कूदकर दी जान - Silver Screen

कर्जदारों से परेशान कर्मचारी दौड़ लगाकर आया और ट्रेन के सामने कूदकर दी जान

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ग्वालियर। कर्जदारों से परेशान विश्वविद्यालय का कर्मचारी दौड़ लगाकर रेल ट्रेक पर आया और ट्रेन के सामने कूद गया। ट्रेन से टकराने से उसकी मौत हो गई। हादसे के काफी देर बाद पुलिस आई और उसके मोबाइल से फोन लगाकर घरवालों को खबर दी। कुछ देर बाद घरवालों ने आकर शव को पहचाना। फिलहाल झांसी रोड थाना पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक हरीशंकरपुरम निवासी परमानंद पिपलानी (51) ने खुदकुशी की है। प्रत्यक्षदर्शियो ने बताया ट्रेन को आते देखकर परमानंद दौड़ लगाते हुए आए और ट्रेन के सामने कूद गए। हादसे के बाद वहां भीड़ जुट गई। कुछ देर बाद घरवाले भी आ गए तब पता चला कि मृतक विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में लैब अटेडेंट था। हादसे की खबर पर विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारी भी आ गए। चर्चा थी कि परमांनद ने विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों और प्रोफेसरों से पैसा उधार ले रखा था। कर्जा काफी ज्यादा हो गया था और वह चुका नहीं पा रहा था। कर्जदार परेशान करने लगे। परेशान होकर उससे सुसाइड कर लिया।
ब्याज पर लेता था रकम

विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बीच चर्चा थी कि परमानंद ब्याज पर रकम लेता था। लेकिन ईमानदार इतना था कि समय से पहले ब्याज चुका देता था। उसने किसी दूसरे को रकम दे रखी थी। वह रकम लेकर चंपत हो गया। पिछले एक महीने से वह परेशान था। जिन लोगों से उसने पैसा लिया था वह पैसों के लिए परेशान कर रहे थे। पैसे देने वाले कुछ लोगों के नाम पुलिस को पता चले हैं, लेकिन अभी पुलिस चुप्पी साधे हुए है।
डेढ़ घंटे बाद आई पुलिस

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे के तुरंत बाद ही पुलिस को खबर कर दी गई। लेकिन पुलिस नहीं आई। कई बार फोन किया तब जाकर डेढ़ घंटे बाद पुलिस आई। शव पटरी पर पड़ा था। इस कारण एक ट्रेन को भी रोकना पड़ा। गार्ड ने जब पटरी से शव को किनारे किया तब ट्रेन निकल सकी।
इनका कहना है

परमानंद ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी की है। मौत की वजह तो अभी स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन चर्चा है कि कुछ लोगो से कर्जा ले रखा था। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
दामोदर गुप्ता, टीआई झांसी रोड थाना



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