टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त भारत-जापान द्विपक्षीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान के दौरे पर है। इस यात्रा के दौरान उनकी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे का मित्रतापूर्ण व्यवहार पूरी दुनिया देख रही है। आबे आबे मोदी की मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही पीएम आबे भारत के साथ जापान की दोस्ती का बखान भी करते नजर आए। उन्होंने रविवार को अपने एक बयान में दावा किया कि वे आजीवन भारत के मित्र रहेंगे।
'नेहरू ने हजारों लोगों के सामने दिया था सम्मान'
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आबे ने अपने संबोधन में कहा, 'जापान जब बहुत धनी नहीं हुआ करता था, तब भारत के तत्कालिन प्रधानमंत्री (जवाहरलाल) नेहरू ने हजारों लोगों के सामने जापान के प्रधानमंत्री किशी का परिचय कराते हुए कहा था कि वे उनका सम्मान करते हैं।' आबे ने ये बातें प्रधानमंत्री मोदी के साथ दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पूर्व अपने एक संदेश में कही थी। बता दें कि ये सम्मेलन दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझीदारी को और मजबूती देने के लिए आयोजित कराया जा रहा है।
मोदी के लिए प्राइवेट डिनर
इस यात्रा के दौरान आबे पीएम मोदी का खास ध्यान रख रहे हैं। रविवार को उन्होंने पीएम मोदी के सम्मान में यामानाशी प्रीफेक्चर स्थित अपने हॉलीडे होम में प्राइवेट डिनर की मेजबानी की। इस दौरान आबे ने भारत-जापन के पुराने किस्सों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दादा नाबुसुकु किशी 1957 में भारत की यात्रा करने वाले पहले जापानी प्रधानमंत्री थे। उनका कहना था कि उसी यात्रा के बाद 1958 से जापान ने भारत को ऋण सहायता देने शुरुआत की। गौरतलब है कि पीएम मोदी पहले ऐसे विदेशी नेता हैं जिनके लिए शिंजो आबे ने यहां प्राइवेट डिनर का आयोजन कराया है।
'मैं आजीवन भारत का मित्र बनकर रहूंगा'
लिबरल डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता आबे ने अपने संदेश में आगे लिखा, 'मेरे दिल में इस इतिहास को जगह देकर मैंने खुद को भारत-जापान के रिश्ते को सींचने के लिए समर्पित कर दिया है।' उन्होंने 2007 में अपनी भारत यात्रा से जुड़े किस्से भी याद किए। आबे ने बताया कि उन्हें उस दौरान भारतीय संसद में भाषण देने का सम्मान मिला था। 64 वर्षीय आबे ने अपने पत्र में लिखा, 'अपने दादा की भारत यात्रा के प्रभाव को याद करते हुए मैंने शपथ ली है कि मैं आजीवन भारत का मित्र बनकर रहूंगा।'
मोदी की यह तीसरी जापान यात्रा
बता दें कि 2014 के बाद सम्मेलन के लिए मोदी की यह तीसरी जापान यात्रा है और आबे के साथ 12वीं बैठक है। जापान सिर्फ भारत से वार्षिक द्विपक्षीय बैठक करता है जबकि भारत जापान के अतिरिक्त रूस के साथ भी द्विपक्षीय बैठक करता है।
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