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लाहौर। पाकिस्तान के पास डैम बनाने के लिए पैसे नहीं हैं। पानी की घोर समस्या से जूझ रहा पाकिस्तान अब डैम बनाने के लिए चंदा लगाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश में डैम बनाने के लिए 14 अरब डॉलर की विशाल रकम जुटाने के लिए आम पाकिस्तानियों से चंदा देने की अपील की है। राष्ट्रभक्ति को माध्यम बनाकर की गई पीएम की अपील पर उनके विरोधी अब अव्यावहारिक कह कर खिल्ली उड़ा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने पाकिस्तान सरकार की अक्षमता और अयोग्यता के चलते पाकिस्तान में दो डैम बनाने के लिए लोगों से चंदा देने की अपील की थी । तब देश में चुनाव चल रहे थे। चीफ जस्टिस ने उस समय विदेशों में रह रहे पाकिस्तानी मूल के लोगों से भी चंदा देने की अपील की थी । चीफ जस्टिस निसार अहमद ने डैम के लिए चंदा इकट्ठा करने की तुलना भारत के साथ 1965 की लड़ाई के समय सरकार द्वारा इकट्ठे किए गए चंदे से करते हुए कहा कि डैम बनाने के लिए लोग वैसा ही जुनून और जोश दिखाएं।

पानी के संकट से जूझ रहा है पाकिस्तान

बता दें कि हाल ही में विश्व स्वस्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान को उन देशों की सूची में रखा गया है जो जल संकट से बुरी तरह जूझ रहे हैं। जुलाई में पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने देश में जल संकट से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि सरकारों की अनिच्छा और उनकी अक्षमता को देखते हुए आम जनता को आगे आना होगा। उस समय पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने बांधों के निर्माण की प्रगति के लिए जल विद्युत विकास प्राधिकरण के भीतर एक समिति बनाई थी। वजीर-ए-आजम इमरान खान ने कुछ दिन पहले ही एक अपील में लोगों को आगाह किया था, 'पाकिस्तान के पास बस 30 दिनों के लिए पानी का भंडार है। मीडिया की खबरों के मुताबिक पीने के लिए जोर शोर से चल रहे इस अभियान में 32 दिन में दो करोड़ डॉलर रकम जुटाई गई है।

पीएम ने फिर से की अपील

इमरान खान ने अपनी नई अपील में विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों को टारगेट किया है। उन्होंने कहा है कि अगर विदेशों में रह रहे सभी पाकिस्तानी एक-एक हजार डॉलर का योगदान करें तो पाकिस्तान के पास बांध बनाने के लिए पैसा इकठ्ठा हो जाएगा। उन्होंने पाकिस्तानी मूल के विदेशियों से कहा कि मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं आपकी रकम की हिफाजत करूंगा। आम पाकिस्तानियों का कहना है की जिस तरह से चंदे के पैसे से डैम बनाने की कवायद चल रही है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पाकिस्तान आर्थिक कंगाली की राह पर है। लोगों का कहना है कि इस तरह कि कोशिशों से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक बहुत ही खतरनाक उदाहरण साबित होगा। देश में आधारभूत ढांचे का निर्माण ऐसे जुगाड़ वाली तरकीबों से नहीं किया जाता।



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