वॉशिंगटन। अमेरिका ने छोटे देशों को चेताते हुए चीन से संभलकर रहने को कहा है। अमरीका के एक प्रभावशाली सीनेटर और ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी टॉड यंग ने कहा कि चीन अपने विकासात्मक काम के जरिए नए तरीके से उपनिवेशवाद के कठोर हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने पाकिस्तान , श्रीलंका और बांग्लादेश की उदाहरणों का हवाला देते हुए चीन से बचकर रहने को कहा है। बता दें कि यह बातें सीनेटर ने शुक्रवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान कही।
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छोटे देशों को चीन से बच कर रहने की जरूरत
टॉड यंग ने कहा कि चीन ने नव उपनिवेशवाद के कठोर हथकंडे और कर्ज का इस्तेमाल कर श्रीलंका को अपनी एक महत्वपूर्ण बंदरगाह को 99 साल के लिए किराए पर देने के लिए राजी कर लिया है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों को सीख लेने की जरूरत है।
चीन का ध्यान संसाधनों को हड़पने में लगा हुआ है
सीनेटर ने कहा कि अमरीका आत्मनिर्भरता, कूटनीतिक और आर्थिक साझेदार बनाने में लगा हुआ है। लेकिन चीन का ध्यान संसाधनों को हड़पने और दूसरे देशों को अपने ऊपर निर्भर करना है। वहीं, यूएस-एड की उप प्रशासक के पद पर अपनी नियुक्ति पक्की करने से जुड़ी सुनवाई के दौरान बोनी ग्लिक ने भी सीनेटर यंग के आकलन से सहमति जताई।
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कोई भी देश चीन से समझौता करते हुए ध्यान दे
ग्लिक ने यंग की बातों पर सहमति जताते हुए कहा कि अन्य देश चीन के साथ कोई भी समझौता करते समय यह जरूर ध्यान दें वे क्या कर रहे हैं। वहीं, उन्होंने मालदीव में हाल ही में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इस द्वीपीय देश ने चीन से दूर होने की नीति अपनाई है। यंग और ग्लिक दोनों ने इस पर चिंता जताई कि चीन विदेशों में विकास परियोजनाओं के लिए अपने श्रमिकों का इस्तेमाल करता है। दोनों ने ही चीन से बचने की बात कही है।
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