ढाका। बांग्लादेश में सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि पत्रकारों को भी आए दिन निशाना बनाया जा रहा है। बीती रात बांग्लादेश के पबना इलाके में एक महिला पत्रकार की बड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। महिला की पहचान सुबर्णा नोदी के रूप में हुई है।
महिला पत्रकार को उतारा मौत के घाट
जानकारी के मुताबिक, 32 साल की सुबर्णा एक निजी टीवी चैनल में काम करती थी। बीती रात घटना से पहले वो घर में अकेली थी। हमलावरों ने पहले सुबर्णा का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो हमलावरों ने सुबर्णा पर धावा बोल दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने किसी धारदार हथियार से सुबर्णा पर वार किया। हालांकि वो उस समय जिंदा थी, लेकिन अस्पताल ले जाते वक्त महिला ने दम तोड़ दिया। फिलाहल हत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है।
पत्रकारों के लिए सेफ नहीं पाकिस्तान! सेना के मुख्यालय के पास जर्नलिस्ट को गोलियों से भूना
10-12 हमलावरों ने धारदार हथियार से किया हमला
घटना की जानकारी देते हुए वहां पुलिस के अतिरिक्त अधीक्षक गौतम कुमार बिस्वास ने मीडिया को बताया, ‘ किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर की बेल बजाई और जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला उसने एक धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी’। चश्मदीदों के अनुसार हमलावर रात के करीब 11 बजे 10-12 की संख्या में मोटरसाइकलों पर सवार होकर आए थे। गंभीर रूप से घायल पत्रकार को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे का कारण पता लगाने का प्रयास कर रही है।
जर्नलिस्ट चो ने मोदी को कहा था 'मौत का सौदागर', PM ने शेयर किया वीडियो
इस्लामिक कट्टरपंथियों का निशाना बन रहे हैं बुद्धिजीवी
बांग्लादेश में बीते कुछ समय के दौरान धर्मनिरपेक्ष लेखकों, ब्लॉगरों और बुद्धिजीवियों पर हमले बढ़े हैं। इनके लिए इस्लामिक कट्टरपंथियों को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। इससे पहले जून में बांग्लादेश के जाने माने लेखक और प्रकाशक शहजहान बच्चू
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2okE4SI

No comments:
Post a Comment